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बुधवार, अप्रैल 06, 2011

आंखों का विशेष ध्यान रखें!-डॉ. राजीव गुप्ता, एम.बी.बी.एस. एम.डी.


    शरीर का अनमोल भाग है-आंखें। आंखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आंखे रोगमुक्त रहें अर्थात्‌ स्वस्थ रहें, लेकिन कैसे आईए इसकी चर्चा करें!
आखों को विश्राम दें!
    निरन्तर कार्य करते रहने से आंखों में दर्द होने लगता है। ऐसा न हो इसके लिए बीच में थोड़ी देर के लिए आंखें बन्द कर लेनी चाहिएं अथवा बीच बीच में पलकें अवश्य झपका लेनी चाहिए, ऐसा करने से भी आंखों को आराम मिलता है।
    प्रातः और सायं हरी घास पर नंगे पैर चलना चाहिए! ओस युक्त घास पर चलना अधिक लाभदायक होता है। ऐसा करने से नेत्र ज्योति भी बढ़ती है।
    प्रतिदिन रात्रि में सोते समय अपने नेत्र चिकित्सक से एक आई ड्रॉप लिखवा लें और उसे आंखों में अवश्य डालें। ऑपथोकेयर अच्छी आई ड्रोप है इसे भी डाल सकते हैं। इस नेत्र साफ रहते हैं और उनमें ताजगी आती है। आंखों की नियमित जांच कराते रहना चाहिए! छह माह में एक बार या साल में एक बार तो अवश्य नेत्रों की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए!
नेत्र ज्योति बढ़ाएं!
    प्रातः उठकर मुख धोते समय मुंह में पानी भरकर गालों में घुमाएं और आंखों पर पानी के छींटे मारें और फिर मुंह का पानी फेंक दें! कुछ देर के लिए आंखें बन्द कर दें! दोनों हथेलियों को आपस में रकड़कर उनकी गर्मी से आंखों को सुखाएं! इससे आंखों को ठंडक पहुंचेगी और उसकी थकान दूर होगी! ऐसा नित्य करने से नेत्र ज्योति भी बढ़ती है।
    यात्रा करते समय बस हिचकोले खाती है! ऐसी स्थिति में न पढ़ें। इससे आंखो पर अतिरिक्त दबाव व तनाव पड़ता है जिससे आंखों थक जाती हैं। अच्छा यह है कि यात्रा के दौरान नेत्र बंद करके सकारात्मक विचारों में मग्न हो जाएं, इससे आंखों को आराम भी मिलेगा! 
    विटामिन्स ए एवं पौष्टिक तत्त्वों से भरपूर भोजन लें कहने का तात्पर्य यह है कि सन्तुलित आहार का सेवन करें! इससे भी नेत्र स्वस्थ रहते हैं।
    पढ़ते समय प्रकाश की व्यवस्था ठीक होनी चाहिए। प्रकाश आपके पीछे से बाएं कन्धे पर से होता हुआ आना चाहिए। किताब और आंखों के बीच की दूरी अल्पतम 12इचं और अधिकतम 18इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए। टीवी देखते समय उससे तीन मीटर या 10फुट दूर बैठना चाहिए। पढ़ते या देखते समय आंखों को स्थिर न रखें बीच-बीच में आंखे झपका लेनी चाहिएं।
     इन बातों का ध्यान रखेंगे तो अनमोल आंखे दीर्घकाल तक साथ देंगी।

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