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रविवार, मई 30, 2010

शिवलिंग पूजन से ग्रह कष्ट दूर होता है! -व्रतानन्द शास्त्री



यह सर्वविदित है कि ग्रहों के उपद्रव से बचना है तो शिवपूजन का सहारा लेना चाहिए। फाल्गुन और श्रावण  मास की शिवरात्रि में शिवलिंग के अभिषेक से मनोकांक्षा पूर्ण होती हैं। सूर्य कष्ट दे तो रविवार को आख के पुष्पों व बिल्व पत्रों से शिव उपासना करने से सूर्य कष्ट से मुक्ति मिलती है। चन्द्र कष्ट दे तो सोमवार को कालेतिल मिश्रित दूध को शिवलिंग पर चढ़ाने से खांसी, जुकाम, नजला, मानसिक कष्ट, ब्लडप्रेशर के साथ कष्ट से मुक्ति मिलती है। मंगल कष्ट दे तो गिलोय के रस से मंगलवार को शिवलिंग का अभिषेक करने से दूर होते हैं। शनि कष्ट दे तो शनिवार को गन्ने के रस या छाछ से शिवलिंग का अभिषेक करने से शनि कष्ट दूर होता है। शुक्र कष्ट दे तो पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक शुक्रवार को करने से शुक्रकष्ट दूर होता है। गुरु कष्ट दे तो हल्दी मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक गुरुवार को करने से गुरुकष्ट दूर होता है।  राहु-केतु कष्ट दे रहे हों तो समस्त वस्तुओं सहित मक्खन से शिवलिंग का अभिषेक शनिवार को करने से कष्टमुक्ति होती है।  बुध कष्ट दे तो धतूरे से शिवलिंग का अभिषेक बुधवार को करने से बुधकष्ट दूर होता है।

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