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शुक्रवार, मई 14, 2010

जीवन क्या है?-ज्ञानेश्वर


जीवन सार्थक हो इस लिए कुछ विशेष करना आवश्‍यक है। रचनात्‍मकता जीवन में सार्थकता लाती है। अपना एक लक्ष्‍य बनाएं जोकि आपका आदर्श बन सकता है। उसके लिए प्रयास करें, निरन्‍तर प्रयास, समर्पण भावना से किया गया प्रयास सफलता को निश्चित बना देता है। जीवन को एक दिशा मिल जाती है, यदि आपके पास एक आदर्श है या एक लक्ष्‍य है, वरना तो यूं ही भटकाव होता रहता है, कभी इधर तो कभी उधर।
जीवन चुनौती है, उससे मिलो।
जीवन संघर्ष है, उसको स्वीकार करो।
जीवन संग्राम है, उससे लड़ाई करो।
जीवन समस्या है, उसका समाधान खोजो।
जीवन दुःख है, उस पर विजय पाओ।
जीवन बोझ है, उसे उठाओ।
जीवन त्रासदी है, उसका सामना करो।
जीवन कर्त्तव्य है, उसे भली-भांति निभाओ।
जीवन खेल है, उसे खेलो।
जीवन रहस्य है, उसको खोला।
जीवन गीत है, उसे गुनगुनाओ।
जीवन वरदान है, उसे पाओ।
जीवन स्वप्न है, उसको पूरा करो।
जीवन यात्रा है, उसे पूर्ण करो।
जीवन वादा है, उसे निभाओ।
जीवन प्रेम है, उसका आनन्द लो।
जीवन सौन्दर्य है, उसकी प्रशंसा करो।
जीवन जोखिम है, उसका सामना करो।
जीवन अवसर है, उसे प्राप्त करो।
जीवन मार्ग है, उस पर आगे बढ़ो।
जीवन नाम है, उसका यश बढ़ाओ।
जीवन अनुभव है, उसको बांटो।
जीवन अनुशासन है, अनुशासित रहो।
जीवन नियम है, उसका पालन करो।

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