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शनिवार, मई 29, 2010

व्यवसायिक एवं आर्थिक उन्नति का अनुभूत मन्त्र प्रयोग



यह प्रयोग उस दिन करना है जब पूर्णिमा को सोमवार पड़े। नागकेसर के पुष्प ले लें। किसी भी शिव मन्दिर में शिवलिंग पर पांच विल्व पत्रों सहित ये पुष्प श्रद्धा से चढ़ा दें। इससे पूर्व शिवलिंग को कच्चे दूध, गंगाजल, शहद, दही से धोकर पवित्र कर लें। यह प्रयोग पांच बिल्व पत्र तथा नागकेसर की पुष्प संख्या समान होनी चाहिए। यह प्रयोग प्रारम्भ करके निरन्तर अगली पूर्णिमा तक बिना नागा करें। शिव उपासना श्रद्धा भाव से करते रहें जैसी भी बन पड़े। जो प्रसाद का भोग ईश्वर को लगाएं उससे मुख झुठा करके या खाकर ही कुछ खाएं। अन्तिम दिन जो पुष्प तथा बिल्प पत्रों में से एक अपने साथ ले आएं और श्रद्धा भाव से घर, दुकान, फैक्ट्री में तिजोरी या गल्ले में रख दें। व्यवसायिक एवं आर्थिक उन्नति अवश्य होगी। विशेष ध्यान इस बात का रखना है कि नागा न हो। यदि नागा हो जाती है तो प्रयोग खण्डित हो जाएगा। पुनः फिर से सोमवार वाली पूर्णिमा की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

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