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गुरुवार, अप्रैल 29, 2010

सफलता दिलाने वाले उपाय -पं.चैतन्य

सफलता पाने के लिए सभी प्रयास रत हैं। ऐसा कौन है जोकि सफलता नहीं चाहता है। सफलता किसी को आसानी से मिल जाती है और कोई जीवन पर्यन्त प्रयास करने के बाद भी मनचाही सफलता नहीं पा पाता है। आप भी परेशान हैं तो आपको सफलता मिले व बाधाएं दूर हों इसलिए कुछ सफलता दिलाने वाले और बाधा दूर करने वाले अनुभूत उपाय यहां बता रहे हैं जिनको करके आप लाभ उठा सकते हैं। बिना शंका के पूर्ण विश्वास के साथ किए गए ये उपाय अचूक हैं। 


उपाय एक-1-
कोई भी रोग से परेशान है और आपको लगता है कि उस पर यह सब नजर के कारण है। शनिवार के दिन एक नींबू लेकर रोगी के ऊपर से सात बार उलटा घुमाकर उतारें। एक चाकू सिर से पैर तक धीरे-धीरे स्पर्श करके नींबू के मध्य में से दो भाग कर दें। बाद में दोनों टुकड़ों को दक्षिण दिशा में संध्याकाल में फेंक दें।
उपाय दो-2-
आप चाहते हैं कि आपके बच्चे के अच्छे अंक आएं। ऐसे में आपको चाहिए किसी अन्धे बच्चे या लड़की को निज पुत्र या पुत्री मानकर पुस्तकों, वस्त्र या फीस की सहायता प्रदान करें। ऐसा करने से आपकी सन्तान के परीक्षा में अच्छे अंक आएंगे।
उपाय तीन-3-
यदि आप शनि ग्रह से परेशान हैं और उसी के कारण आपका कोई कार्य नहीं बन रहा है। आप तनाव में रहने लगे हैं और  बाधा के बिना कोई कार्य होता ही नहीं है। ऐसे में आपको चाहिए कि सात शनिवार तक बिना नागा उड़द की दाल के चार बड़े सिर से तीर बार उल्टा वारकर कौओं को खिलाएं। पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ कोई नागा नहीं होने पर तुरन्त फल मिलता है और समस्त शनि बाधाएं दूर होती हैं। 
उपाय चार-4-
यदि आप धनलाभ चाहते हैं तो आपको चाहिए कि आप किसी भी शुक्लपक्ष के शुक्रवार को किसी अन्धविद्यालय के 27 बच्चों को खीर खिलाएं। यदि आपने ऐसा किया तो आपको धनलाभ अवश्य होगा। 
उपाय पांच-5-
मनोवांछित स्थानान्तरण के लिए आपको चाहिए कि तांबे के बर्तन में जल, रौली, चावल, गुड़ का टुकड़ा एवं 22 लाल मिर्च के बीज डालकर सूर्य देव को ओम्‌ घृणि सूर्याय नमः मन्त्र का जाप छह बार करते हुए चढ़ाएं। यह बिना नागा 22दिन तक करेंगे तो मनोकांक्षा पूर्ण होगी। 
उपाय छह-6-
आप मनोवांछित वर या कन्या चाहते हैं तो आपको चाहिए कि इस प्रयोग को करें। पांच मीठे पान अत्यन्त श्रद्धा सहित बनवाकर पहला पान गणेश जी को चढ़ाएं, दूसरा पान माता पार्वती जी को चढ़ाएं, तीसरा पान कार्तिकेय जी को चढ़ाएं, चौथा पान नंदी जी को चढ़ाएं एवं आखिरी पांचवा पान शिवलिंग पर चढ़ाकर माथा टेक दें तथा मन से अपनी मनोकांक्षा शिवजी को बताएं। ऐसा पांच सोमवार को बिना नागा करें। आपकी मनोकांक्षा अवश्य पूरी होगी। 
उपाय सात-7-
आप पढ़ाई में निर्बल हैं और चाहकर भी आपके अच्छे अंक नहीं आते हैं तो आपको चाहिए कि मोर मुकुट का चांदा अपनी पुस्तकों में रखें। अध्ययन कक्ष में ईशान दिशा में एक बांसुरी लटकाएं और उस पर रोली या सिन्दूर से ओम्‌ नमो भगवते वासुदेवाय लिखें। ऐसा करने से आपके अच्छे अंक आ जाएंगे क्योंकि अब आप पढ़ाई में निर्बल नहीं रहेंगे।
उपाय आठ-8-
आप विवाह की बाधा दूर करके मनचाहा करना चाहते हैं तो आपको चाहिए कि केले की जड़ का टुकड़ा एकादशी तिथि को ओम्‌ नमो भगवते वासुदेवाय 108 बार बोलकर ताबीज बनाकर गले में बुधवार को धारण करने से मनोकांक्षा पूर्ण हो जाती है। 
उपाय नौ-9-
आपका धन बाजार में रुका रहता है और चाहकर भी लौटकर नहीं आता है तो आपको यह उपाय करना चाहिए। पीपल के सात पत्ते लेकर उस पर रौली से श्रीं लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। बाद में गंगाजल  चढ़ाएं। बाद में ओम्‌ नमः शिवाय सात बार बोलें। यह प्रयोग शुक्लपक्ष के सोमवार से प्रारम्भ करके सात सोमवार बिना नागा करना है। ऐसा करने से रुका धन निकल आता है।
उपाय दस-10-
आप दीर्घकालिक ऋण से परेशान हैं  तो आपको ऋण उतारने का संकल्प लेकर 108 बार गायत्री  मन्त्र पढ़ें। 1.5मीटर सफेद कोरे कपड़े में पांच गुलाब, लौंग व बताशे बांधकर रविवार के दिन ओम्‌ दुर्भाग्यनाशिनी गंगा दैव्ये नमः मन्त्र बोलकर बहा देंगे तो ऋण से मुक्ति मिल जाएगी।

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